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RBI का बड़ा फैसला: अब सेविंग खाते में 1 लाख रुपये तक की जमा राशि पर हर बैंक देगा समान ब्याज, रिटर्न कैलकुलेशन के नियम बदले

Savings Account Interest 2025: RBI ने दिया बड़ा आदेश, बचत खातों में 1 लाख रुपये तक की जमा राशि पर सभी बैंक देंगे समान ब्याज, तीन महीने में ब्याज क्रेडिट करना अनिवार्य

नई दिल्ली:
देशभर के लाखों सेविंग अकाउंट धारकों के लिए RBI ने एक अहम नियम लागू किया है। अक्सर लोग यह सोचकर उलझन में रहते थे कि किस बैंक में खाता खोलें, किसमें ज्यादा ब्याज मिलेगा और कौन सा बैंक सुरक्षित है। लेकिन अब आरबीआई के नए फैसले से यह दुविधा काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

अब बचत खाते में 1 लाख रुपये तक जमा रकम पर पूरे देश के सभी कमर्शियल बैंक एक जैसी ब्याज दर लागू करेंगे। यानी SBI, Canara Bank या कोई भी अन्य बैंक—हर जगह इस सीमा तक ब्याज दर समान होगी।

क्या है RBI का नया नियम?

RBI ने निर्देश दिया है कि

  • सेविंग अकाउंट में 1 लाख रुपये तक की राशि पर सभी बैंक एक समान ब्याज देंगे।
  • पहले बैंक अपनी-अपनी दरें तय करते थे, जिससे ग्राहकों में भ्रम रहता था।
  • नए नियम से छोटे ग्राहकों को सीधा फायदा होगा और ब्याज दरों में अंतर खत्म हो जाएगा।

SBI हो या Canara, अब ब्याज एक जैसा

यह नियम सभी कमर्शियल बैंकों पर लागू होगा।
अब ग्राहक बैंक का चयन सुविधा और सर्विस के आधार पर कर सकेंगे, न कि ब्याज दरों के फर्क पर।

1 लाख से ऊपर की राशि पर क्या होगा?

  • 1 लाख रुपये से अधिक बैलेंस पर बैंक अपनी अलग दरें लागू कर सकेंगे।
  • यानी बड़ी रकम पर ब्याज पहले की तरह बैंकों की अपनी पॉलिसी के अनुसार मिलेगा।

ब्याज कैसे कैलकुलेट होगा?

RBI ने स्पष्ट किया है:

  • ब्याज की गणना हर दिन के अंत में उपलब्ध बैलेंस के आधार पर होगी।
  • जिस दिन खाते में ज्यादा बैलेंस होगा, उस दिन का ब्याज भी अधिक मिलेगा।

कब मिलेगा ब्याज?

  • सभी बैंकों को कम से कम हर तीन महीने में एक बार ब्याज क्रेडिट करना अनिवार्य किया गया है।
  • इससे ग्राहकों को समय-समय पर ब्याज मिलने और कमाई का सही हिसाब रखने में आसानी होगी।

आम लोगों को क्या फायदा?

  • जिनके खातों में आमतौर पर 1 लाख रुपये तक का बैलेंस रहता है, उन्हें सीधा लाभ होगा।
  • ब्याज दरों की तुलना का झंझट खत्म होगा।
  • बैंकिंग सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा और सभी को समान लाभ मिलेगा।

RBI ने यह कदम क्यों उठाया?

RBI का लक्ष्य है कि बचत खातों में ब्याज दरों को सरल और समझने में आसान बनाया जाए।
यह बदलाव बैंकिंग को और अधिक पारदर्शी बनाने और ग्राहकों को राहत देने के उद्देश्य से किया गया है।

कुल मिलाकर, यह नया नियम सेविंग अकाउंट रखने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

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