KDMC चुनाव परिणाम 2026: जानकारी के अनुसार मधुर म्हात्रे शिवसेना के कार्यकर्ता हैं। टिकट न मिलने के कारण उन्होंने ठाकरे गुट की ओर से उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था।
कल्याण:
राज्य में महानगरपालिका चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। कई नेताओं को पार्टियों से टिकट नहीं मिलने के कारण उन्होंने दूसरे दलों से चुनाव लड़ा। अब चर्चा है कि क्या ऐसे नगरसेवक दोबारा अपने पुराने दल में वापसी करेंगे। इस अटकल का कारण कल्याण-डोंबिवली में देर रात हुई राजनीतिक मुलाक़ातें बताई जा रही हैं।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव 2026 में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के 11 नगरसेवक चुने गए हैं। इनमें वार्ड नंबर 13 से विजयी नगरसेवक मधुर म्हात्रे ने शुक्रवार, 16 जनवरी को शिवसेना शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात के बाद राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिल गई है। सांसद श्रीकांत शिंदे के साथ उनकी तस्वीर वायरल होने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि ठाकरे गुट के यह नगरसेवक शिंदे गुट के करीब जा सकते हैं।
मधुर म्हात्रे की श्रीकांत शिंदे से मुलाक़ात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। बताया जाता है कि मधुर म्हात्रे मूल रूप से शिवसेना के कार्यकर्ता रहे हैं। टिकट न मिलने के कारण उन्होंने ठाकरे गुट से नामांकन दाखिल किया था।
चुनाव परिणाम आने के बाद अब सत्ता गठन को लेकर भाजपा और शिवसेना दोनों ही सक्रिय हो गई हैं। वर्तमान स्थिति में ठाकरे गुट के 11, मनसे के 5, कांग्रेस के 2 और राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) का 1 नगरसेवक चुना गया है। ऐसे में भाजपा और शिवसेना इन नगरसेवकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में मधुर म्हात्रे की सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे से मुलाक़ात के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे फिर से शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होंगे।
टिकट न मिलने पर थामा था मशाल का चुनाव चिन्ह
मधुर म्हात्रे पहले शिवसेना शिंदे गुट में थे, लेकिन चुनाव के समय टिकट न मिलने पर उन्होंने ठाकरे गुट से ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। अब उनके अगले राजनीतिक कदम पर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं।
