महाराष्ट्र सरकार ने भूमि राजस्व अधिनियम (Maharashtra Land Revenue Code) में अहम बदलाव करते हुए नॉन-एग्रीकल्चरल (NA) टैक्स को पूरी तरह समाप्त करने का बड़ा निर्णय लिया है। इस फैसले की घोषणा राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने की। यह निर्णय लाखों घर मालिकों, हाउसिंग सोसायटियों और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
क्या होता है NA टैक्स?
NA टैक्स यानी नॉन-एग्रीकल्चरल टैक्स वह कर है, जो खेती योग्य जमीन को आवासीय, व्यावसायिक या औद्योगिक उपयोग में लाने के बाद लगाया जाता था। यह कर ब्रिटिश काल से चला आ रहा था और वर्षों से इसे लेकर जनता में असंतोष बना हुआ था। एक ही संपत्ति पर प्रॉपर्टी टैक्स के साथ-साथ NA टैक्स भी देना पड़ता था, जिससे लोगों पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ता था।
सरकार का बड़ा निर्णय
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने इस पुराने और बोझिल कर को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब आवासीय इमारतों, हाउसिंग सोसायटियों और कई व्यावसायिक संपत्तियों पर हर साल लगने वाला NA टैक्स नहीं देना होगा।
सरकार ने यह भी तय किया है कि अब केवल एक बार का कन्वर्जन चार्ज लिया जाएगा, वह भी भवन निर्माण की अनुमति के समय। इससे लोगों को हर साल टैक्स भरने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रियाएं भी सरल होंगी।
कितने लोगों को होगा फायदा?
इस फैसले से पूरे महाराष्ट्र में करीब 2 से 4 लाख हाउसिंग सोसायटियों और लाखों संपत्ति मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा। पुणे, मुंबई, नागपुर, नासिक और औरंगाबाद जैसे बड़े शहरों में बड़ी संख्या में लोग इससे राहत महसूस करेंगे।
सरकार के अनुसार, अब सोसायटियों पर वर्षों से लंबित बकाया NA टैक्स और उस पर लगने वाला ब्याज भी माफ किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों का आर्थिक दबाव काफी कम होगा।
राजस्व मंत्री बावनकुले का बयान
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह फैसला जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य कर व्यवस्था को सरल बनाना और आम नागरिकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से मुक्त करना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई नीति से भूमि उपयोग की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और आसान बनेगी, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
जनता और रियल एस्टेट सेक्टर में खुशी
इस फैसले का स्वागत हाउसिंग सोसायटियों, बिल्डर्स और रियल एस्टेट विशेषज्ञों ने किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि NA टैक्स हटने से घर खरीदना और निर्माण कार्य सस्ता होगा, जिससे आम आदमी को सीधा लाभ मिलेगा।
साथ ही, इससे राज्य में निर्माण कार्य को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार का यह कदम जनता के हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है। NA टैक्स समाप्त होने से न सिर्फ आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी सरल होंगी। आने वाले समय में यह निर्णय राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
