बारामती (महाराष्ट्र): 28 जनवरी, 2026 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार एक निजी विमान दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गयी। इस हादसे ने न केवल राजनीति में हलचल पैदा की है, बल्कि नेताओं और विपक्षी दलों के बीच जांच की मांग को भी तेज कर दिया है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) द्वारा जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, और शुरुआती रिपोर्ट आने में लगभग 30-45 दिन का समय लगने की संभावना जताई जा रही है। विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है, ताकि दुर्घटना के कारण का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।
🧑⚖️ नेताओं की प्रतिक्रिया और जांच की मांग
आज स्थिति से अलग-अलग राजनीतिक आवाज़ें सामने आ रही हैं:
🔹 संजय राऊत (शिवसेना UBT):
शिवसेना (UBT) विधायक संजय राऊत ने इस हादसे को “रहस्यमय” (mysterious) बताया है और कहा है कि यह सिर्फ एक साधारण दुर्घटना नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पवार के पास बीजेपी से जुड़े भ्रष्टाचार के दस्तावेज़ थे और यह समय-सीमा संदिग्ध प्रतीत होती है, क्योंकि उन्होंने 15 जनवरी को कहा था कि वह महत्वपूर्ण फाइलें सार्वजनिक करेंगे और 10 दिनों के भीतर ही दुर्घटना हो गयी।
🔹 विजय वडेट्टीवार (कांग्रेस):
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी सवाल उठाए हैं और कहा कि “दाल में कुछ काला है।” उन्होंने पूछा कि अगर यह केवल एक दुर्घटना है, तो पायलट का आख़िरी पल में बदल दिया जाना क्यों हुआ और क्या इस पर विस्तृत जांच नहीं होनी चाहिए?
🔹 अमोल मिटकरी (NCP विधायक):
मिटकरी ने कहा कि जिस विमान में छह लोग थे उनमें से पांच शव ही मिले हैं, तो छठी व्यक्ति कौन थी? उन्होंने स्पष्ट जवाब और सीटीवी, पायलट परिवर्तन जैसे मुद्दों पर विस्तृत जवाबों की मांग की है।
🔹 उज्ज्वल निकम (भाजपा सांसद):
भाजपा सांसद और वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अभी तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है जो यह साबित करे कि दुर्घटना में कोई साज़िश थी। उन्होंने कहा कि संशय फैलाना गलत है और अगर साज़िश के कोई प्रमाण मिलते हैं तभी आगे की जांच होनी चाहिए।
🧪 आधिकारिक जांच और प्रक्रियाएँ
सरकार ने दुर्घटना की जांच सीआईडी (CID) को भी सौंप दी है। राज्य सरकार के अनुसार सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है, ताकि सभी पहलुओं का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके।
AAIB की जांच:
- ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के बाद उसे विश्लेषण के लिए भेजा गया है।
- प्रारंभिक विश्लेषण में विमान ने बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरते समय संभवतः स्टॉल (लिफ्ट खोना) का सामना किया।
- रनवे की स्थिति और वातावरण जैसी तकनीकी बातों पर विशेषज्ञ अध्ययन कर रहे हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और समय-बद्ध तरीके से पूरी होगी और सभी प्रासंगिक तथ्यों की समीक्षा की जाएगी।
