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✈️ कैप्टन शांभवी पाठक: वे युवा महिला पायलट जिन्होंने अंतिम उड़ान में अपनी जान गंवाई — जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी

बारामती/मुंबई, 28 जनवरी 2026:
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में सिर्फ एक वरिष्ठ नेता ही नहीं, बल्कि एक प्रतिभाशाली महिला पायलट की जिंदगी भी समाप्त हो गई। उस दर्दनाक सुबह कॅप्टन शांभवी पाठक (Captain Shambhavi Pathak) वह सह-पायलट थीं, जो लैंडिंग के प्रयास के दौरान नियंत्रण खो जाने के कारण क्रैश में जान गंवा बैठीं।


🚀 शुरूआत: उड़ान का सपना और कड़ी तैयारी

शांभवी पाठक का उड़ान की दुनिया से लगाव बचपन से ही था।
• उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई Air Force Bal Bharati School, ग्वालियर में पूरी की।
• इसके बाद मुंबई विश्वविद्यालय से एरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस & टेक्नोलॉजी में बी.एससी. की डिग्री हासिल की।
• आगे उन्होंने अपनी प्रोफेशनल पायलट ट्रेनिंग के लिए न्यूज़ीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी का रुख किया और वहाँ से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त किया — जो कि न्यूज़ीलैंड और भारत दोनों के मानकों के तहत था।


🎓 उड़ान में कौशल और विशेषज्ञता

पायलट बनने के लिए सिर्फ लाइसेंस ही काफी नहीं है — सुरक्षा और तकनीकी ज्ञान भी जरूरी है।
शांभवी ने:
✔ DGCA प्रमाणित CPL के अलावा
एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) के लिए फ्रोजन ATPL योग्यता हासिल की
✔ प्लेन की सुरक्षा और संचालन में विशेषतम प्रशिक्षण लिया
मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में असिस्टेंट फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के रूप में भी काम किया, जहाँ उन्होंने युवा पायलटों को उड़ान की ट्रेनिंग दी।


✈️ कैरियर और जिम्मेदारियाँ

शांभवी पाठक ने कॉर्पोरेट और चार्टर उड़ानों के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
वे VSR Ventures नामक दिल्ली स्थित चार्टर कंपनी में फर्स्ट ऑफिसर (First Officer) के रूप में सवारियों को उड़ान भरने का कार्य कर रही थीं — और इसी क़ाबिलियत के आधार पर उन्हें अजित पवार के साथ आख़िरी उड़ान पर सवार किया गया।

उनके अनुभव के बारे में कहा जाता है:
✔ उनके पास लगभग 1,500 से अधिक उड़ानों का अनुभव था, जो एक युवा पायलट के लिए उल्लेखनीय है।


🛫 अंतिम उड़ान: दुर्घटना की सुबह

सुबह की उड़ान में शांभवी और मुख्य पायलट कॅप्टन सुमित कपूर मिलकर Learjet 45 (VT-SSK) का नियंत्रण संभाले हुए थे। यह विमान मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था, जहां उपमुख्यमंत्री अजित पवार को चुनावी सभाओं में शामिल होना था।

लगभग 08:45 बजे के आसपास, लैंडिंग के प्रयास के दौरान विमान ने नियंत्रण खो दिया और बारामती एयरपोर्ट के पास रनवे से बाहर गिरकर भीषण दुर्घटना और आग का शिकार हो गया। इस क्रैश में शांभवी सहित सभी 5 सवारियों की मौत हो गई


🧑‍✈️ व्यक्तिगत जीवन और सपने

शांभवी सिर्फ एक पायलट ही नहीं थीं — वह एक उत्साही उड़ान प्रेमी थीं, जिन्होंने बचपन में ही अपने सपने को परवाज़ देने की ठानी। उनके मन में बड़ी एयरलाइंस में कमांडर बनने और छात्रों को उड़ान सिखाने की इच्छा थी।

उनके परिवार को आज इस क्षति का बड़ा आघात लगा है — एक युवा, काबिल पायलट का भविष्य भविष्य ही रह गया।


📰 यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं — एक प्रेरणादायक जीवन की अधूरी उड़ान

जब हम विमान दुर्घटनाओं के बारे में सोचते हैं, तो केवल तकनीकी विफलताओं को ही देखते हैं। लेकिन शांभवी पाठक की कहानी हमें याद दिलाती है कि एक संघर्षशील, काबिल और सपनों से भरी हुई युवा पायलट ने अपने जुनून के साथ जीवन जीने की कला सीखी थी — और उसी जुनून ने उसे आख़िरी उड़ान पर उतारा।

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