मुंबई, पुणे, नागपुर सहित महाराष्ट्र के 29 महापालिकाओं में महापौर पद के लिए आरक्षण का निर्णय जारी कर दिया गया है। इस बार की लॉटरी प्रणाली के तहत कई महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिससे स्थानीय राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
📌 महापौर पद आरक्षण का विवरण
महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग द्वारा आयोजित लॉटरी ड्रॉ में यह तय हुआ है कि कुल 29 महानगरपालिका/महापालिका में से 15 महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इसमें प्रमुख शहरों जैसे:
- मुंबई (BMC)
- पुणे
- नागपुर
- नवी मुंबई
- नाशिक
- धुळे
- नांदेड-वाघाळा
- मालेगांव
- मिरा-भाईंदर
इन शहरों में महापौर पद सर्वसाधारण महिला (General Women) श्रेणी के लिए आरक्षित हैं।
👩♀️ आरक्षण के क्या मायने हैं?
महापौर पद के आरक्षण का मतलब यह है कि तभी महिला उम्मीदवार ही उसी श्रेणी के लिए नामांकन दाखिल कर सकती हैं। इस बार की लॉटरी के अनुसार
✔ महिला उम्मीदवारों को प्रमुख शहरों में महापौर पद लड़ने का अवसर मिला है, जो स्थानीय शासन में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देगा।
🧑🤝🧑 वर्ग-आधारित आरक्षण भी जारी
महिलाओं के अलावा कुछ महापौर पद अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जमाती (ST) तथा ओबीसी वर्ग के लिए भी आरक्षित किए गए हैं।
उदाहरण के लिए:
- लातूर और जालना में अनुसूचित जाति महिला श्रेणी के लिए महापौर पद आरक्षित हैं।
- अकोला, चंद्रपूर, अहिल्यानगर और जळगाव में ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षण जारी है।
🏙️ राजनीतिक मैदान में हलचल
आरक्षण के इस फैसले से राजनीति में हलचल भी बढ़ी है। मुंबई महानगरपालिके के महापौर पद को ‘सामान्य महिला’ श्रेणी में आरक्षित किए जाने के बाद कुछ राजनीतिक दलों ने मतभेद जताए हैं और लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि यह आरक्षण तय प्रक्रिया और नियमों के अनुरूप किया गया है।
📊 सारांश — महापौर आरक्षण की मुख्य बातें
- महाराष्ट्र में 29 महापालिकाओं में महापौर पद के लिए लॉटरी ड्रॉ संपन्न।
- 15 महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित।
- प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, पुणे, नागपुर, नवी मुंबई, नाशिक में महिला महापौर की संभावना।
- कुछ पद SC/ST/OBC महिला वर्ग के लिए भी रिज़र्व।
- राजनीतिक दलों से आरक्षण प्रक्रिया को लेकर प्रतिक्रिया और बहस जारी।