भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव भरा कारोबारी सत्र देखने को मिला। दिनभर बाजार दबाव में बना रहा और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स व निफ्टी लाल निशान में बंद हुए, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों के लिए राहत की खबर सामने आई। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से निवेशकों की संपत्ति में करीब 41 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। इसके चलते शुरुआती सत्र से ही बाजार में दबाव बना रहा। सेंसेक्स में प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं निफ्टी भी सीमित दायरे में कमजोर बना रहा।
हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी ने बाजार को संभालने का प्रयास किया। कई सेक्टर्स में निवेशकों ने मौके का फायदा उठाते हुए जमकर खरीदारी की, जिससे कुल बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज हुई। खासकर बैंकिंग, एफएमसीजी, फार्मा और चुनिंदा आईटी शेयरों में निवेशकों की रुचि देखने को मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में यह उतार-चढ़ाव अस्थायी है और आने वाले दिनों में स्थिरता लौट सकती है। बजट के बाद नीतिगत फैसलों, वैश्विक संकेतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों ने मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश किया, जिससे कुल मिलाकर निवेशकों की संपत्ति में बढ़ोतरी देखने को मिली। यह संकेत देता है कि बाजार की बुनियाद अभी भी मजबूत बनी हुई है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें। मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर आय और विकास की संभावना वाली कंपनियों में निवेश भविष्य में बेहतर रिटर्न दे सकता है।
कुल मिलाकर, भले ही सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन बाजार की अंदरूनी मजबूती और चुनिंदा शेयरों में आई तेजी के कारण निवेशकों के लिए दिन फायदे का सौदा साबित हुआ।
