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लाडकी बहिन योजना में बड़ी राहत — तीन महीने का ₹4,500 एक साथ मिलेगा बेनिफ़िटरी महिलाओं को

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है। योजना की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया में देरी के कारण कुछ महिलाओं को नवंबर, दिसंबर और जनवरी महीनों की किस्त नहीं मिल पाई थी। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि इन तीन महीनों की बकाया राशि ₹4,500 एक साथ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में जमा की जाएगी।

यह खबर राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा साझा की गई है। विभाग के मुताबिक जो महिलाएँ अपने ई-केवाईसी अपडेट पूरी नहीं कर पा रही थीं, उनकी किस्तें रोक दी गई थीं, लेकिन अब उन तीन महीनों का भुगतान एक ही बार में निपटाया जाएगा। इससे लाभार्थी महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी और वे अपनी घरेलू व अन्य ज़रूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगी।


📌 क्या है ‘लाडकी बहिन योजना’?

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना राज्य सरकार की एक प्रमुख सामाजिक योजना है, जिसका मूल उद्देश्य कम-आय वाले परिवारों की बेटियों और महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को महीने के ₹1,500 सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए दिए जाते हैं।

योजना से लाभ पाने के लिए मुख्य शर्त यह है कि महिलाओं ने अपना ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक पहचान सत्यापन) अपडेट कर रखा हो। अगर ई-केवाईसी पूरा नहीं होता, तो सहायता राशि रोक दी जाती है, जैसा कि पिछले कुछ महीनों में देखा गया था।


🕐 तीन महीने की राशि क्यों रुकी थी?

पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र में चुनावी प्रक्रियाएं चल रही थीं, जिससे कई योजनाओं के भुगतान में विलंब देखने को मिला। इस दौरान लाडकी बहिन योजना के तहत मिलने वाली किश्तें भी प्रभावित रहीं। कई महिलाओं ने e-KYC पूरा करने के बावजूद बैंक खाते में पैसा नहीं आने की शिकायत की थी, जिससे प्रशासन को बकाया राशि देने का निर्णय लेना पड़ा।

अब सरकार ने तय किया है कि नवंबर, दिसंबर और जनवरी की तीन बकाया किश्तें ₹4,500 के रूप में एकमुश्त भुनाई जाएंगी और यह सुविधा योग्य महिलाओं को सीधे उनके बैंक खाते में मिलेगी।


💡 लाभार्थियों के लिए क्या मायने रखता है यह कदम?

इस फैसले से लाखों महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा। छोटे-छोटे खर्चों से लेकर बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घर चालू रखने तक में यह सहायता महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना से महिलाओं का आत्म-निर्भर बनना और परिवार में उनकी भूमिका मजबूत होना आगे बढ़ेगा।

कुछ स्थानों पर महिलाओं ने बताया कि उनके बकाये राशि के जमा न होने पर उन्हें स्थानीय अधिकारियों से बातचीत करनी पड़ी थी, लेकिन अब यह राशि सीधे खाते में आने से समस्या का समाधान हो जाएगा।


📊 भविष्य में भी सहायता बढ़ सकती है

राज्य सरकार की तरफ से संकेत दिए जा रहे हैं कि भविष्य में इस सहायता राशि को ₹2,100 तक बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है, जो महिलाओं को और बड़ा आर्थिक समर्थन प्रदान करेगा। इससे योजना का लाभ और अधिक व्यापक रूप से मिलेगा, खासकर उन परिवारों में जहाँ महिलाओं की आमदनी सीमित है।


📌 सार:

  • तीन महीनों की बकाया किश्तें (नवंबर, दिसंबर, जनवरी) एक साथ देने का निर्णय लिया गया है।
  • पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ₹4,500 जल्द ही डीबीटी के ज़रिए पहुंचेंगे।
  • योजना का मकसद महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

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