डावोस (स्विट्ज़रलैंड):
स्विट्ज़रलैंड के डावोस शहर में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की बैठक में इस समय पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। 19 से 23 जनवरी तक चलने वाले इस वैश्विक सम्मेलन में 60 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और करीब 800 से ज्यादा बड़ी कंपनियों के CEO हिस्सा ले रहे हैं।
डावोस पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी डावोस पहुंचे और उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करना शुरू कर दिया है। तकनीकी कारणों से उनकी फ्लाइट में थोड़ी देरी हुई, जिसके बाद वे हेलीकॉप्टर के जरिए डावोस पहुंचे। ट्रंप का यह दौरा पहले से ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
❄️ ग्रीनलैंड को लेकर बयान से बढ़ा तनाव
डावोस पहुंचने से पहले ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को अमेरिका की सुरक्षा के लिए “अत्यंत महत्वपूर्ण” बताया। उनके इस बयान से यूरोपीय देशों और NATO सहयोगियों के साथ अमेरिका के संबंधों में तनाव देखने को मिला है। डावोस में भी यह मुद्दा चर्चाओं के केंद्र में रहा।
यूक्रेन सहायता पर मतभेद
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच यूक्रेन को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। ग्रीनलैंड मुद्दे की वजह से संयुक्त सहायता पैकेज पर फिलहाल सहमति नहीं बन पाई है।
🤝 कई अहम बैठकें रद्द
डावोस में ट्रंप और जर्मनी के चांसलर के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक रद्द हो गई, जिससे कूटनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, स्वीडन ने भी ट्रंप की प्रस्तावित “शांति परिषद” योजना में शामिल होने से फिलहाल इनकार कर दिया है।
🌐 मध्यम देशों की चिंता
कनाडा के प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में मध्यम शक्ति वाले देशों को एकजुट होकर काम करना होगा, वरना वे वैश्विक दबावों के सामने कमजोर पड़ सकते हैं।
📊 डावोस 2026 के मुख्य मुद्दे
इस साल डावोस में खासतौर पर इन विषयों पर चर्चा हो रही है:
- वैश्विक आर्थिक अस्थिरता
- भू-राजनीतिक तनाव
- सप्लाई चेन की सुरक्षा
- जलवायु परिवर्तन
- नई विश्व व्यवस्था में उभरती शक्तियों की भूमिका
